नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे राष्ट्रगान के दौरान अधिकारियों से बातचीत करते हुए हंसते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो पटना में आयोजित सेपकटकरा वर्ल्ड कप 2025 के उद्घाटन समारोह का बताया जा रहा है। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने उन पर तीखा हमला बोला है।
लालू यादव ने उठाया सवाल, कहा-बिहारवासियों, अब भी कुछ बचा है?
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘राष्ट्र का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। बिहारवासियों, अब भी कुछ बचा है?’ लालू यादव के इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
तेजस्वी यादव का हमला, बोले-राष्ट्रगान का अपमान मत करिए
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘कम से कम राष्ट्रगान का अपमान मत करिए, माननीय मुख्यमंत्री जी। आप पहले ही युवा, छात्र, महिलाओं और बुजुर्गों को प्रतिदिन अपमानित करते हैं। कभी महात्मा गांधी जी के शहादत दिवस पर ताली बजाकर उनका मजाक उड़ाते हैं, तो कभी राष्ट्रगान का।
पहले भी विवादों में रहे हैं नीतीश कुमार
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस तरह की हरकत को लेकर सुर्खियों में आए हैं। इससे पहले भी विधानसभा सत्र के दौरान उनका अजीब व्यवहार कैमरे में कैद हुआ था। कुछ समय पहले सदन में वित्त मंत्री सम्राट चौधरी बजट पेश कर रहे थे, लेकिन उसी समय नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव इशारों-इशारों में एक-दूसरे से हंसते-मुस्कराते हुए बातचीत कर रहे थे।
कांग्रेस ने भी किया हमला, कहा-चिंता का विषय
बिहार कांग्रेस ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से वीडियो शेयर कर लिखा गया, ‘बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की यह तस्वीर बहुत ही चिंतनीय है। लोकतांत्रिक जनता दल की नेता पुष्पम प्रिया चौधरी ने भी नीतीश कुमार की हालत पर चिंता जताई। उन्होंने लिखा, ‘राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन नीतीश जी के स्वास्थ्य को देखकर दुख होता है। वे सदन में आपा खो देते हैं, राष्ट्रगान के दौरान स्थिर नहीं रह पाते। अब वे सार्वजनिक उपस्थिति के लायक नहीं रह गए हैं। उनकी दशकों की साख बर्बाद हो रही है। नीतीश कुमार का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग जमकर उनकी आलोचना कर रहे हैं।
कई लोगों ने इसे असंवेदनशीलता करार दिया, तो कुछ ने उनकी सेहत को लेकर सवाल उठाए। इस पूरे विवाद पर अभी तक जदयू की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे ‘ग़लत व्याख्या’ करार दिया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री किसी हल्के-फुल्के क्षण में हंसे होंगे और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इस घटना से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। देखना दिलचस्प होगा कि जदयू इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पर कोई सफाई पेश करते हैं।




